साथी नहीं, असल दोस्त चाहिएं जीने के लिए
दोस्त कभी बोझ नहीं होता, उसके होते बोझ घट जाता है। राम, बलराम और बड़थ्वाल: राम और बलराम दोनों ने, भोपाल के उसी ऑफिस के तीसरे मित्र को, करीब 630 कि.मी. दूर रायपुर में सेवारत उसके भाई के बाबत टेलीग्राम थमाया। लिखा थाः ‘‘बृजेश कुमार डी.के. अस्पताल रायपुर में गंभीर हालत में भरती। तुरंत […]
