काल चक्र पर विचार
काल चक्र में नए-पुराने के मायने नहीं होते, क्या पिछला साल, क्या नव वर्ष। यह तोअतीत-वर्तमान-भविष्य की त्रिपक्षीय किंतु एकल, अनवरत अस्मिता है। काल की परिकल्पना एक चक्र के रूप में की गई है जो क्रमशः आगे की ओर घूमता रहता है, और कभी पूर्व अवस्था में नहीं लौटता। इस चक्र की धुरी वर्तमान है […]
