जीवन के रंगों से वंचित न रहें
केवल हरा रंग पहचानने वाला लाल, पीला, नीला, काला, या बैंगनी रंग की वस्तुओं में भेद कैसे करेगा? वह जीवन की बहुरंगी छटाओं को निहारने से मिलती सुखद अनुभूति से भी वंचित रहेगा। अजब-बजब होगी उसकी दुनिया! जीवन मुंह फुलाए रहने के निमित्त नहीं है: प्रभु ने हमें इहलोक में इसकर नहीं भेजा कि मुंह लटकाए […]
