स्पर्श की करामाती ताकतें वैज्ञानिक तर्ज पर विकसित करना जरूरी
जिन संतानों को शैशव या बचपन में माबाप का पर्याप्त स्नेहिल स्पर्श नहीं मिला उनका भावनात्मक व मनोवैज्ञानिक विकास ठीक से नहीं हुआ, और इसका खामियाजा आजीवन रहा। जिसे मां का दूध और दुलार नहीं मिले, संपूर्ण-स्वस्थ व्यक्तित्व के तौर पर वह कैसे निखरेगा? अपने भाव या मंशा जाहिर करने, रूठे को मनाने, भयभीत को […]
