आत्मीय जन के चले जाने का प्रसंग
विनम्र श्रद्धांजलि: श्रीमान् महेश चंद्र कोटनाला कल आषाढ़ चतुर्दशी (27 जून 2022) सोमवार को मेरे श्वसुर श्री महेश चंद्र कोटनाला अपने कोटद्वार निवास में पार्थिव शरीर, और स्वजनों, परिजनों की संगत छोड़ कर चल पड़े! जाते सभी हैं। जो आया है उसे जाना ही होता है। किंतु जिनसे हमारा अंतरंग लगाव असामान्य रूप से अधिक […]
