Tag: स्पष्ट विचार

क्या आपको शोरगुल, चिल्ल-पौं सहन नहीं ? भीतर से शांत रहने की जुगतें सीखनी होंगी

जिस-जिस की तलाश में हम इधर उधर भटकते रहते हैं उसे अपने भीतर तलाशें। पर्वतों की सुरम्य चोटियों, किनारों से टकरा कर चूर-चूर होती, छितरती समुद्री झागदार लहरों या सुनहरे रेगिस्तान की मनोहारी छटाओं से अभिभूत पर्यटक लौट कर बताते हैं कि उन पलों से मिलती शांति को किन्हीं भी शब्दों में बखान करना संभव […]

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