क्या आपको शोरगुल, चिल्ल-पौं सहन नहीं ? भीतर से शांत रहने की जुगतें सीखनी होंगी
जिस-जिस की तलाश में हम इधर उधर भटकते रहते हैं उसे अपने भीतर तलाशें। पर्वतों की सुरम्य चोटियों, किनारों से टकरा कर चूर-चूर होती, छितरती समुद्री झागदार लहरों या सुनहरे रेगिस्तान की मनोहारी छटाओं से अभिभूत पर्यटक लौट कर बताते हैं कि उन पलों से मिलती शांति को किन्हीं भी शब्दों में बखान करना संभव […]
देव उठनी एकादशी – विश्राम के बाद पुनः नई ऊर्जा से कर्मठता का संदेश
हिंदू कैलेंडर (पंचांग) का आधार अंतरिक्ष में चंद्रमा और सूर्य की गति है। एकादश का शाब्दिक अर्थ है ग्यारह (1+10) एकादशी प्रति माह दो बार पड़ती है; सभी एकादशियों में सर्वाधिक महत्व कार्तिक के शुक्ल पक्ष की एकादशी का है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में चार माह (चतुर्मास) की गहन […]
सत्य क्या है, अंधकार या प्रकाश ?
क्या यह सत्य है कि प्रकाश जीवनदाई है? हम किसी गफलत में तो समूची जिंदगी नहीं गुजार देते? समूची दुनिया की संरचना द्विपक्षीय हैः फरिश्ता/हैवान, सुख/दुख, दिन/रात, जय/पराजय, अग्नि/जल, लाभ/हानि, नरम/सख्त, आशा/नैराश्य, जीवन/मृत्यु। इसी भांति प्रकाश और अंधकार हैं। ‘प्रकाश’ का साहचर्य ज्ञान, प्रेम, जागरूकता, सकारात्मकता, समृद्धि, उदारता, संपन्नता, पारदर्शिता और सद्बुद्धि से, तो दूसरी […]
क्या भूलूं, क्या याद रखूं
आपके बस में सब कुछ नहीं किंतु बहुत कुछ है! जीवन में जो कुछ घटित होता है उसमें से क्या-क्या याद रखा जाए, और किन बातों को भूल जाने में भलाई है, इसका गहन विचार आवश्यक है। व्यक्ति का मन और चित्त आजीवन तरह-तरह के कार्यकलापों और उनसे जुड़ी उधेड़बुनों में जकड़ा रहता है। मनोवैज्ञानिक […]
प्राण का संचार करता है जीवनदाई जल
जल है तो जीवन है। अभी भी इसके उपयोग और वितरण पर जुगत से नहीं चलेंगे तो आने वाली चुनौतियों की कल्पना नहीं कर पाएंगे। जिन पंचतत्वों (जल, वायु, अग्नि, आकाश, पृथ्वी) से हमारे शरीर, बल्कि समस्त चराचर जगत की रचना हुई उनमें जल प्रधान है। हमारे शरीर और पृथ्वी पर क्र्रमशः 61 और 71 […]
निष्ठा से काम करना रास आ जाए तो अवसर न मिलने का दुखड़ा नहीं रहेगा
मन से संपन्न कार्य की गुणवत्ता उच्च कोटि की होती है। ऐसे किरदारों के पास अवसर खिंचे चले आते हैं। वे रोते नहीं रहते कि उन्हें अवसर ही नहीं मिलते। ‘ऐसा होता, वैसा होता…’ ‘‘मेरे पास एक करोड़ रुपए होते/ मेरी पारिवारिक हालत पुख्ता होती/ मुझे फलां कोर्स में एडमिशन मिल गया होता तो दुनिया को […]
समय की गति
संबंध जीवन की धुरी हैं। जो संबंध बनाना और निभाना जानते हैं उनका समय सदा अच्छा चलता है। नव वर्ष, त्यौहार, वर्षगांठ, परिवार में नए सदस्य का आगमन (या प्रस्थान) जैसे अवसर संबंधों और आवासीय परिवेश को संवारने, पुनर्व्यवस्थित करने का कारण बनते हैं। उत्सवी परिवेश रोजमर्रा की एकरसता को तोड़ कर नएपन का अहसास […]
अपना भविष्य आप स्वयं बनाते हैं
आने वाला वक्त कैसा गुजरेगा, यह जिज्ञासा स्वाभाविक है। किंतु इतनी बेचैनी ठीक नहीं कि एक-दर-एक ज्योतिषियों, मंदिर-मस्जिदों, गुरुओं-फकीरों के चक्कर लगने शुरू हो जाएं। ऐसे तो आप भटकते ही रहेंगे। अपने भीतर झांकें। परम शक्ति का अंश होने के नाते आप में अथाह सामर्थ्य है जिसके बूते आप सुंदर भविष्य स्वयं निर्मित कर सकते […]
पैसा कमाना ही लक्ष्य बन जाए तो दुर्गत शुरू हो गई समझ लीजिए
‘‘सबसे बड़ा रुपय्या’’ मानने वाले बेचारे हैं। वे नहीं जानते कि दनिया की बेहतरीन चीजें न बिकती हैं, न खरीदी जा सकती हैं। इन्हें श्रम और अथाह धैर्य से अर्जित करना पड़ता है। पैसा और पैसे वालों की वाहवाही करने वाले कालांतर में जब धड़ाम से गिरते हैं तो उनका साथ देने वाला कोई नहीं […]
बड़े कार्य विनम्रता से सधते हैं, बलपूर्वक नहीं
पूजा-अर्चना आत्मविकास की श्रेष्ठ विधि है किंतु लक्ष्य यदि शक्ति अर्जित करना है तो व्यक्ति सही गंतव्य तक नहीं पहुंच सकेंगे। सुफल उसी कार्य का मिलता है जो स्वेच्छा से, बगैर बाहरी बल या प्रभाव के निष्पादित संपन्न होता है। अटके काम कैस सुलझाएंः मामला सरकारी महकमे का हो, घर-परिवार, समाज या कारोबार में उलझन […]
शब्दों से धोखा हो सकता है; मौन, हावभाव और संकेतों से सत्य को बेहतर जान सकते हैं
विडंबना है कि प्रत्येक भाव या विचार के लिए शब्द नहीं हैं। फलस्वरूप जो भी शब्द कौंधें, वही उडेल दिए जाते हैं जिससे प्रायः विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। इसीलिए दूसरे की मंशा जानने के लिए हावभाव तथा संकेतों को समझना बेहतर रहता है। आदि मानव को भले ही शब्द और भाषा का ज्ञान न […]
धैर्य रखें; जो ठीक नहीं है, वह भी ठीक हो जाएगा
बुलंदी पर चढ़ते शख्स को देख कर न भूलें, इसके पीछे दिन-रात की जीतोड़ मेहनत, लगन, और सब्र का माद्दा रहा है। जब अन्य लोग पार्टियों, पिकनिक तथा अन्य रंगरेलियों में मशगूल थे, तब ये इत्मीनान से अपने मिशन में डूबे रहते थे। दिशा सही है तो आपको केवल सब्र रखना है। सफलता के गंतव्य […]
